विश्वामित्र के पुत्र का नाम | vishwamitra ke putra ka naam

विश्वामित्र के पुत्र का नाम ब्रह्मऋषि विश्वामित्र पहले ऋषि नहीं थे वे पहले एक राजा थे जिनका नाम था राजा कौशिक उन्होंने ज्यादा समय तक राज्य नहीं किया वे अपने पुत्र हस्तक को राज्य प्रदान थोड़े स्वयं तपस्या के लिए वन को चले गए तो जो आपको जानना था
विश्वामित्र के पुत्र का नाम हस्तक था अब अगर आपको जानना है की विश्वामित्र ने अपना राज्य अपने पुत्र को जल्दी सौंपकर स्वयं तपस्या के लिए क्यों चले गए तो पूरी कहानी बताई है पढ़े

विश्वामित्र के पुत्र का नाम
विश्वामित्र के पुत्र का नाम

एक बार विश्वामित्र जब राजा थे अपनी सेना के साथ जंगल में गए हुए थे तभी वे घूमते-घूमते ऋषि वसिष्ठ के पास पहुंच गए ऋषि ने उनका आदर सत्कार किया और सारी सेना का खाने पिने और घोड़ो के चारे आदि सभी का प्रबंध कर दिया तभी राजा विश्वामित्र को आश्चर्य हुआ की एक छोटे से आश्रम में रहने वाले ऋषि के पास इतना धन कहा से आया है

विश्वामित्र की कहानी

तो ऋषि ने कहा की मेरे पास एक गाय है जिसका नाम नंदिनी जिसके कारण सारा प्रबंध हो जाता है तभी राजा ने कहा की ये गाय हमें दे तो ऋषि ने मना कर दिया उसके बाद ऋषि से राजा विश्वामित्र ने युद्ध किया तो नंदिनी गाय ने अपने में से सेना उत्पन कर दी और राजा विश्वामित्र हार गया

तभी राजा विश्वामित्र ने वसिष्ठ से श्रेष्ट होने के लिए अपने पुत्र हस्त को राज्य देकर के स्वयं वन गमन किया उसके बाद राजा विश्वामित्र ने तपस्या करके भगवान शंकर को खुश किया और उनसे सभी अस्तर शास्त्र ले कर के फिर वसिष्ठ के पास आये और युद्ध किया लेकिन वसिष्ठ के योग बल के आगे राजा विश्वामित्र एकबार फिर हार गए

विश्वामित्र के पुत्र का नाम फिर उन्होंने ठान लिया की वे योग बल प्राप्त करेंगे और ब्रह्म ऋषि बनेगे अगर यहाँ तक आपको सारी कथा पसंद आयी और आगे भी आप सुनने के इच्छुक है की राजा बिश्वमित्र कैसे बने ब्रह्मऋषि तो आप कमेंट करेंगे तो में आपको आगे की कथा बताऊंगा राम जी राम!

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