विद्या की देवी | vidya ki devi kaun hai

किसी भी चीज की रचना करने अथवा उससे सुंदर बनाने के लिए एक विशेष कला की आवश्यकता होती है vidya ki devi kaun hai विद्या की देवी मां सरस्वती ही वह कला थी

जिसके कारण पृथ्वी जैसे एक सुंदर ग्रह का निर्माण हुआ।मां सरस्वती ब्रह्मा की शक्ति है।इन्हें ज्ञान और कला की देवी कहा जाता है।मां सरस्वती वेदों में भी उल्लेख है

वेदों में मां सरस्वती एक नदी के रूप में बताई गई है। इनको ज्ञान की देवी भी कहा जाता है इसी कारण विद्यालय कॉलेज में इनकी पूजा की जाती है

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विद्यालय में सबसे पहले प्रार्थना के रूप में मां सरस्वती का नाम लिया जाता है।देवी पुराण सरस्वती को सावित्री गायत्री सती लक्ष्मी अंबिका आदि नामों से संबोधित किया गया है।

मां सरस्वती की उपासना से सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं। कवि लेखक संगीतकार आदि सभी सबसे पहले मां सरस्वती का नाम लेते हैं

विद्या की देवी

क्योंकि मां सरस्वती सुरताल लय आदि की देवी मानी जाती है।माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मां सरस्वती का त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

ऐसी मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती का जन्म हुआ था।जिसे आज पूरी दुनिया सच्चे मन से पूछती है। प्रारंभ में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा ने मनुष्य की रचना करने प्रारंभ कर दी थी।

लेकिन ब्रह्मा अपनी रचना से प्रसन्न नही थे।उसके बाद ब्रह्मा ने सभी देवताओं की सहायता से मां सरस्वती को उत्पन्न किया।इसके बाद मां सरस्वती के सहयोग से ब्रह्मा ने मनुष्य की रचना की।

मां सरस्वती के सफेद वस्त्र हमें शांति का उपदेश देते हैं इनके हाथ में विराजमान वीणा हमें संगीत का उपदेश देते हैं इनके हाथ में विराजमान पुस्तक ज्ञान का उपदेश देती है

वर्तमान समय में मां सरस्वती की अनेक स्थानों पर बड़े-बड़े एवं सुंदर मंदिर स्थित है इनकी पूजा गायन के माध्यम से की जा सकती है मां सरस्वती विद्यार्थी जीवन में बहुत महत्व रखती हैं

विद्यालय समय में विद्यार्थी को विद्या प्रदान करती हैश्वेत पुष्प तथा मोती इन के आभूषण हैं।श्वेत कमल पर यह विराजमान है।इनका संबंध बोलने में लिखने शब्द की उत्पत्ति तथा संगीत से है।

इनके नाम पर अनेक व्रत कथाएं प्रचलित हैं जिन्हें करके मनुष्य अपने जीवन को सफल बना सकता है और अनेक लोग इनकी व्रत को बड़ी श्रद्धा से करते हैं पूजा करते हैं

एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं माना जाता है इनके व्रत करने से घर में सुख शांति बनी रहती है विद्यार्थी को पढ़ाई आती है।सरस्वती के हाथ में पुस्तक है

जिसमें ब्रह्म ज्ञान हैं अतः सरस्वती माता मुख्य रूप से ज्ञान की देवी है।इनके जन्म की अनेक मत वर्तमान समय में प्रचलित है लेकिन इनका जन्म ब्रह्मा से हुआ था

इनकी कोई माता नहीं थी केवल पिता थे ब्रह्मा। माना जाता है कि मां सरस्वती ने ज्ञान संगीत आदि की रचना की जिसके कारण वह ज्ञान संगीत की देवी मानी जाने लगी।

इसी कारण विद्यालय में स्वर प्रथम मां सरस्वती का ज्ञान उपदेश बच्चों को सिखाया जाता है।

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