Shikhandi in mahabharat | शिखंडी महाभारत

shikhandi in mahabharat महाभारत में शिखंडी कौन थी या था इस के बारे में आपको सायद ही पता होगा आज शिखंडी की में आपको पूरी कहानी बया करूंगा जिसके बाद आप महाभारत के उस पातर के बारे में जान जायँगे जो बड़ा ही मशहूर है जिसका नाम है शिखंडी

शिखंडी का विवाह

shikhandi in mahabharat
shikhandi in mahabharat

शिखंडी का विवाह राजा हिरण्यवर्मा की पुत्री से हुआ था महाभारत काल में अपने पिता सांतनु की इच्छा पूर्ति हेतु देवरथ ने प्रतिज्ञा ले ली की वे आ जन्म ब्रमचारी रहेंगे और हस्तिनापुर के सेवक बनकर रहेंगे इसके बाद हस्तिनापुर की गदी पर राजा विचितरवीर्य बने जब पड़ोसी राज्य के एक स्वयंबर में हस्तिनापुर को नहीं बुलाया

तो भीष्म ने जबरदस्ती जाकर के वहा से उन कन्याओ अम्बा , अम्बालिका , अम्बिका को उठा लिया और जबरदस्ती विचितरवीर्य से शादी कर दी उनमे से एक अम्बा किसी और से प्रेम करती थी

shikhandi in mahabharat

जब भीष्म को ये बात पता चली तो भीष्म ने अम्बा की शादी विचितरवीर्य से नहीं की और अपने प्रेमी के पास लौटने को कहा लेकिन जब अम्बा वहा गई तो उसके प्रेमी ने उसे त्याग दिया

और उसने वापिस आकर के भीष्म से विवाह करने का प्रस्थाव रखा लेकिन भीष्म ने प्रतिज्ञा का हवाला देकर ताल दिया तो अम्बा ने अपनी पूरी जिंदगी को नष्ट हुआ माना और प्रतिज्ञा की , की वह अगले जन्म में भीष्म की मृत्यु बनकर आये

shikhandi in mahabharat और जलके भष्म हो गई तभी वह सिखण्डिनी अगले जन्म में बनी शिखंडी अम्बा थी और जैसी उसने प्रतिज्ञा ली वह महाभारत के युद्ध में भीष्म की मृत्यु का कारण बनकर सामने आयी बोलिये जय श्री राम !

Leave a Reply

%d bloggers like this: