जाने रावण के पिता कौन थे | ravan ke pita ka naam

ravan ke pita ka naam: जिस तरह रावण एक राक्षस था उसी के विपरित रावण का पिता एक शिव भक्त ब्राह्मण था जिनका नाम ऋषि विश्रवा था और रावण की माता का नाम केकशी था

रावण की लंका नगरी शुरू में रावण की नहीं थी बल्कि भगवाना भोलेनाथ ने माता पार्वती की ईच्छा पूर्ति के लिए बनाई थी ये बात उस समय की थी जब

सतयुग के पश्चात त्रेतायुग की शुरुआत हुई तो एक बार माता पार्वती ने अपनी योगसाधना से पुरे ब्रह्माण्ड का निरक्षण किया तो उन्हें दिखाई दिया माता लक्ष्मी विष्णुलोक में यानि बैकुंठ में बहुत सुखी थी

ब्रह्मलोक में ब्रह्मा और माता सरस्वती और इंद्रलोक में यानि सवर्ग में इंद्र और उसकी पत्नी सभी खुश थे परन्तु माता पार्वती ने खुद को देखा तो वो एक गुफा में बैठी थी इस लिए माता पार्वती को उनसे बहुत इर्षा हुई

महादेव ने ऐसे ही माता को कही आकाश मार्ग से लेजाने के लिए कहा की विश्व का भर्मण करके आते है

ravan ke pita ka naam
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तो माता ने भी साथ चलने को त्यार हो गई वैसे महादेव तो भगवन है तो उन्हें सब मालूम था तो उन्होंने पार्वती से पूछा की आप इतनी चुप क्यों है

तो माता पार्वती ने सारी बात बताई की सभी अपने – अपने लोक में सुखी है सभी के पास अपने – अपने सुन्दर भवन है और उनकी पत्निया उनके साथ सुखी है

लेकिन हम कहा पर्वतो और पथरो और पहाड़ो में गुफा में रहते है हमारे यहाँ कोई सुख और ऐश्वर्य नहीं है लकिन सभी के सुख और शांति है तो महादेव ने उन्हें समझाया लेकिन जब माता पार्वती नहीं

मानी तो महादेव ने लंका का निर्माण किया और ग्रह प्रवेश की पूजा के लिए रावण के पिता ऋषि विश्रसा को बुलाया जब उन्होंने सारी

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प्रवेश के सामग्री यज्ञ आदि पुरे करा दिए तो जब वे जाने लगे तो महादेव ने उन्हें दक्षिणा देने को कहा तो उन्होने मना कर दिया परन्तु उनकी पत्नी केकसी यानि रावण की माता राक्षसी होने के कारण अपने पति पर जबरदस्ती करते हुए

उनकी दक्षिणा के रूप में उनसे स्वर्णपुरी लंका ही मांग ली जिस से माता पार्वती नाराज होक उन्हें श्राप दिया की तुमने अपनी पत्नी के कहने पर मेरी मन इच्छित ये नगरी मांगी है तो इसमें तुम्हारे पुत्रो सहित सर्वनाश हो जायेगा उसके बाद रावण का जन्म हुआ और

ravan ke pita ka naam: उस से पहले ऋषि विश्रवा के बड़े पुत्र कुबेर ने उस स्वर्ण नगरी लंका में वास किया लेकिन बाद में रावण ने उनसे वो स्वर्ण की लंका छीन ली इस तरह रावण लंका का राजा बना था

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