जन्माष्टमी कब की है | राधा कृष्ण के पुत्र का नाम

जन्माष्टमी कब की है श्री कृष्ण और राधा को हमेशा प्रेम के रूप में याद किया जाता है महारानी राधिका और भगवान श्री कृष्ण का प्रेम अटूट है इनके प्रेम को अगर देखा जाए तो श्री कृष्ण और राधा के प्रेम में बहुत सी ऐसी चीजें दिखाई जाती है जिससे पता चलता है कि प्रेम किसे कहते हैं

श्री कृषण भगवान जब वृन्दावन में थे तो वे राधिका जी के साथ ही समय बिताते थे जब राधिका जी के गाँव का नाम बरसाना गाँव था राधा और कृष्ण के प्रेम में केवल प्रेम नजर आता है राधा जी ने ये दिखा दिया है की प्रेम किसे कहते है

जन्माष्टमी कब की है
जन्माष्टमी कब की है

राधा कृष्ण के पुत्र का नाम

आप सोच रहे होंगे की राधा कृष्ण के पुत्र का नाम केसे हो सकता है जबकि उनकी शादी तो हुई ही नही लेकिन कुछ लोग ऐसे प्रश्न गूगल पर देखते है इस लिए मेने इस टोपिक पर बात की है राधा और कृष्ण का कोई पुत्र नही था जबकि हम सब इनके ही पुत्र है

आज कल जो आई लव यु वाला प्रेम है वह वास्तव में प्रेम तो है ही नही जरूरत ज्यादा नजर आता है क्योंकि प्रेम में जरूरत से ज्यादा त्याग है जब राधा जी भगवान श्री कृष्ण से शादी करके हमेसा उनके साथ रह सकती थी और भगवान भी इतने सामर्थ्य वान थे की वे राधा जी को मथुरा आते वक्त साथ ला सकते थे परन्तु

जन्माष्टमी कब की है

ऐसा नही किया क्योंकि प्रेम में शरीर की जरूरत नही बल्कि समर्पण भाव की जरूरत है प्रेम का दूसरा अर्थ है त्याग जब कृष्ण जाने लगे तो राधा ने उन्हें रोका नही बल्कि उन्हें अपने कर्तव्यो को पूरा करने दिया जबकि राधा चाहती तो अपने प्रेम को भगवान के बेडिया बांध सकती थी

राधा कृष्ण के पुत्र का नाम
राधा कृष्ण के पुत्र का नाम

कृष्ण राधा का प्रेम आमर इस लिए है क्योंकि उनके प्रेम में छल नही दीखता हवस नही शरीर की प्रेम होंसला देता है ना मजबूर करता है

चलो एक उधारण से प्रेम को समझने की कोशिश करते है प्रेम क्या है आखिर प्रेम कहते किसे है प्रेम के मायने क्या अगर आपको ये उधारण अच्छा लगे तो आप कमेन्ट करे

राधा कृष्ण का प्रेम

एक बच्चा होता है वह अपनी माँ से जिद करता है की उसे एक खिलौना चाहिए परन्तु माता के पास 10 रूपये ही है वह उस रूपये से अपनी जरूरत की वस्तु ला सकती है या खिलौना ले सकती है

तब माता ज्यादा नही सोचते हुए उस बच्चे को खिलौना दिला देती है इस से केसे सिद्ध हुआ की माता बच्चे से प्रेम करती है

radha krishna prem katha in hindi इस से सिद्ध ऐसे होता है बच्चे को खिलौना दिलाया है और अपनी वस्तु का त्याग किया है जहा त्याग है समर्पण भाव है विश्वास है वहा प्रेम है इसमें प्रेम नही की भाग कर शादी कर ली घरवालो को बताया ही नही इसमें स्वार्थ है अपनी इच्छा पूर्ति है प्रेम नही प्रेम त्याग से होता है राधा कृष्ण का जीवन सत्य देखिये वहा प्रेम है

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