पूजा करते समय गलत विचार आना

हमें भगवान की याद आती है तो वह परमपिता परमेश्वर जरा साया याद करते ही हमारी सहायता करने के लिए चले आते हैं हमारी सहायता करने के लिए हमारी सारी परेशानियां कष्ट रोग हर लेते हैं (पूजा करते समय गलत विचार आना)

भगवान हर लेते हैं बिना किसी भेदभाव के परंतु मैं आज आपको एक ऐसी समस्या से निकलने के बारे में बताने वाला हूं जो पूजा पाठ करने वाले लोगों के लिए यह समस्या हर व्यक्ति के साथ नहीं होती है

जो पूजा पाठ करते हैं परंतु किसी किसी व्यक्ति के साथ यह समस्या जरूर होती होगी और जिन जिन के साथ यह समस्या होती होगी उनकी स्थिति बहुत दयनीय हो जाती है

क्योंकि पूजा-पाठ हम भारतवासियों का एक महत्वपूर्ण अंग है पूजा-पाठ भगवान हमारे जीने का एक सहारा है किंतु अगर हम इस सहारे से ही खुद को दूर महसूस करेंगे तो हमारी बहुत ज्यादा बुरी स्थिति होगी

आज मैं बात करना चाहूंगा उन लोगों के बारे में जो भगवान का पूजा करना चाहते हैं भगवान का पूजा पाठ करना चाहते हैं ध्यान लगाना शुरु करते हैं

पूजा करते समय गलत विचार आना
पूजा करते समय गलत विचार आना

यहां सेवा करते हैं तो पता नहीं कहां से उनके मन में गलत विचार आने लगते हैं और वह इन विचारों को अपने मन में आने से रोक भी नहीं पाते अपने मन पर काबू नहीं कर पाती या रोक नहीं पाते

वे कितनी भी कोशिश करें इन विचारों से बचने की कि जब मैं पूजा पाठ करूं तब मेरे मन में यह बुरे विचार ना पाए और मैं अपने भगवान को सच्चे मन से याद कर सकूं या उनकी सेवा आया

उनका पूजा पाठ एवं उनकी पूरी श्रद्धा के साथ सेवा कर सकूं या पूजा कर स्कू पर वह नहीं कर पाते कभी-कभी तो यह विचार इतने गंदे होते हैं

कि व्यक्ति को खुद से गिरना होने लगती है वह सोचता है कि मैं कैसा हूं उस परमपिता परमेश्वर के बारे में भी मेरी ऐसी सोच है और वह इस कारण है

पूजा पाठ बंद कर देता है और भगवान से दूर चला जाता है चिकित्सा में इसे औ.सी. टी की समस्या भी कहते हैं यह प्रकार का मानसिक विचार है जो दवाइयों के द्वारा ठीक हो जाता है

और कुछ लोग तो अपना सब कुछ ना कुछ कर चुके होते हैं और उनका यही लक्ष्य होता है कि वह भगवान की भक्ति में लीन हो जाए तब भगवान भी उनकी परीक्षा लेने लगता है

उनके साथ भी है सब होने लगता है आप खुद भगवान को कुछ भी नहीं करना चाहते पर जो भगवान को यह सब कहता है वह आप नहीं हो क्योंकि वह आपकी सोच होती है

अपनी सोच पर काबू नहीं पा पाते आपका जो मन है वह आपसे आपके दिल से अलग सोचता है और आपका दिमाग आपको यह सोचने पर मजबूर कर देता है

तो आप अपने आप को दोषी मत समझे तो इसके बाद भी आपको पूजा पाठ करना या भजन सुनना बंद नहीं करना है

क्योंकि अगर हम डर से जितना भागेंगे उतना ही डर हम पर हावी होगा किसी भी स्थिति में आपको पूजा-पाठ बंद नहीं करना है और आपको पूजा पाठ में लीन हो जाना है

जिसके कारण आप अपने मन में पूजा पाठ करते समय गलत विचार आने से आप मुक्ति पा सकते हैं
writer:- मंदीप

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