अंधभक्त किसे कहते हैं : Andh Bhakt Kise Kahate Hain in 1 sec.

अंधभक्त किसे कहते हैं: आज का हमारा टॉपिक बड़ा ही दिलचस्प है एक बात बताये जब एक बच्चा होता है वो पहले दुनिया में आया

उसे हम अगर शेर के पास लेजाके छोड़ दे तो क्या वो शेर से डरेगा तो आपका जवाब होगा नहीं

क्योंकि वो तो जनता ही नहीं की जिसके पास वो है वो शेर है डरने वाली चीज या माँ है प्यार करने वाली तो इसी का सीधा मतलब में आपको अंधभक्ति से कहता है

अंधभक्त किसे कहते हैं

अंधभक्त किसे कहते हैं
अंधभक्त किसे कहते हैं

क्या आपको पता है एक कहावत मशहूर है की भोले का तो भगवान है ये कहावत ऐसे ही नहीं है हकीकत है आज तक का रिकॉर्ड है की ज्ञानियों को भगवान कम मिले है

परन्तु जो भोला था जो जानता ही नहीं था भगवान के बारे में जो अनपढ़ था जो डाकू था भगवान उसे केवल 2 या 3 दिन में ही मिल गया

अगर आपको यक़ीन नहीं होता तो गीताप्रेस गोरखपुर की भक्तचरितांक नाम की पुस्तक है जो आप पढ़ सकते है डाकू भक्त की कथा या आप ऊपर सर्च बार में सर्च कर सकते है

भीम कुम्हार की कथा इन कथाओ को पढ़ने के बाद आपको पता चलेगा की भगवान को वस्ताव में कैसे प्राप्त कर सकते है भगवान को ज्ञान से नहीं प्रेम से प्राप्त किया जा सकता है

andh bhakt kise kahate hain

तो हम अपने मैन टॉपिक से भटक गए की अंधभक्ति किसे कहते है आधा विश्वास का मतलब है

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की विश्वास इतना की कोई नहीं डिगा सके अगर ये विश्वाश हम किसी आदमी पर करे तो वो हो सकता है की वो नहीं आये समय पर लेकिन अगर

अँधा विश्वास भगवान पर करे तो भगवान आते ही है भगवान आज तक उस भक्त को ही मिले है जिसने उनपर अंधविश्वास किया है

अंधभक्त किसे कहते हैं
अंधभक्त किसे कहते हैं

तो आधा विश्वाश करो तो केवल भगवान पर एक बात याद रखो की भगवान पर भरोषा केसा होना चाहिए ऐसा भरोसा की

एक बच्चे को जब हम हवा में उछालते हैतो भी वो हँसता है क्योंकी उसे आप पर अँधा विश्वास है या पूरा विश्वास है बस भगवान को प्राप्त करने के लिए इतना विश्वाश होना चाहिए

अंधभक्त किसे कहते हैं wikipedia

कुछ लोग अपने मत के अनुसार अंधभक्त किसे कहते है जैसे की एक व्यक्ति अगर आँख बंद करे जानबूझकर तो उसे अँधा ही कहेंगे

जैसे कहते है ना की जीती मखी निगलि नहीं जाती जब आपको आपका पुत्र और पत्नी ही कहे की जिस बाबा को आपने गुरु बनाया है उसका चरित्र ठीक नहीं है तो फिर वो वह व्यक्ति उस गुरु से रिश्ता रखता है

तो इसका मतलब की वो जानते हुए भी ना देखने का नाटक करता है ऐसे में बेटे और पत्नी को चाहिए की उस पिता को या उस पति का त्याग करना उचित है नहीं तो आपकी इज्जत जाएगी

तो मानो या ना मानो वो अंधभक्त नहीं है मुर्ख है अंध भक्त के नाम में असीम विश्वास है वो विश्वास जो उसको संतुष्ट करता है

इस लिए भगवान के जितने भी भक्त हुए उन्होंने भगवान पर अँधा विश्वास किया है उदहारण के लिए प्रह्लाद भक्त को देखो भगवान पर इतना अँधा भरोसा

की पिता को कह दिया की मेरे भगवान इस खम्बे में है और उन प्रभु को खम्बे में से अवतार लेना पड़ा तो भगवान के अंधभक्त बनो किसी इंसान के नहीं

अंधभक्त कैसे होते हैं

अंधभक्त ऐसे व्यक्ति होते है जो विश्वास करते है तो आँखे बंद करके क्योकि एक बार उन्होंने विश्वाश किया तो अगर उन्हें जिनपर विश्वाश है वो अगर दिन को रात कहे तो वो मान लेते है वो और किसी पर भरोषा नहीं करते है ऐसे व्यक्ति को अंधभक्त कहते है

अंधभक्त किसे कहते हैं: भगवान पर जब भरोषा हो जायेगा तो वो ईश्वर तो कण – कण में व्याप्त है उसे तो बस दुसरो का सहारा छोड़के उसे प्रेम से पुकारना है वो ईश्वर आपको मिल जायेगा बोलिये राधे राधे!

अंधभक्त कैसे होते हैं

एक बच्चे को जब हम हवा में उछालते है तो भी वो हँसता है क्योंकी उसे आप पर अँधा विश्वास है या पूरा विश्वास है बस भगवान को प्राप्त करने के लिए इतना विश्वाश होना चाहिए

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